अमेरिका को होर्मुज में ईरान से मिली करारी हार, कतर और मिस्र की सलाह दोनों देश जिम्मेदारी समझें, खत्म करें तकरार US suffers a crushing defeat at the hands of Iran in the Strait of Hormuz; Qatar and Egypt advise both nations to act responsibly and put an end to the conflict



काहिरा। अमेरिका लगातार ईरान से समझौते की बात करते हुए बातचीत विरोधी कार्रवाई भी कर रहा है। ईरान आराम से अमेरिकी कार्रवाइयों का जवाब दे रहा है। ताजा हमले कर अमेरिका को फिर से नुक्सान उठाना पड़ा है। डोनाल्ड ट्रंप अपने देश और दुनिया भर में अपनी साख खो चुके हैं और लगातार खोए जा रहे हैं। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती और कतर के प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान जसीम अल-थानी ने अमेरिका और ईरान से इस संवेदनशील समय में जिम्मेदारी और समझदारी से काम लेने की अपील की है। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि शनिवार को दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि विवादों को सुलझाने के लिए कूटनीति और बातचीत का रास्ता अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता प्रक्रिया को समर्थन देने पर भी जोर दिया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए  राजनीतिक समाधान को प्राथमिकता देना जरूरी है, ताकि क्षेत्र के लोगों के संसाधनों और हितों की रक्षा हो सके।

28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों के अमेरिकी बेसों और अमेरिकी मौजूदगी वाले अन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान ने इसके साथ ही इस्राइल पर भी जबरदस्त हमले किए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत उसके क्षेत्र में आने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात बाधित कर दिया जिससे अमेरिका सहित, भारत और पूरी दुनिया की सप्लाई चैन ठप्प हो गई और अर्थव्यवस्थाएं लड़खड़ा गईं। अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामनेई सहित अनेक जिम्मेदार लोगों की हत्या कर दी। तमाम नुक्सान किया लेकिन ईरान ने मुहंतोड़ जवाब देना जारी रखा। ईरान में 24 घंटे में सब कुछ तबाह कर देने का ट्रंप का दावा खोखला साबित हुआ। इसके बाद 8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ। बाद में पाकिस्तान में लंबी शांति वार्ता भी हुई, लेकिन उससे कोई ठोस समझौता नहीं निकल सका। अमेरिका की शर्तों के आगे झुकने से ईरान ने साफ इन्कार कर दिया।

कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद हाल के दिनों में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास फिर तनाव बढ़ गया। अमेरिका ने ईरानी जहाजों और तटीय इलाकों पर हमले किए, जबकि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर मिसाइल और ड्रोन से जवाबी हमला किया। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स नेवी ने शुक्रवार को कहा कि ईरानी सेना ने बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। इसमें बैलिस्टिक मिसाइल, जहाज रोधी क्रूज मिसाइल और विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ईरान ने दावा किया कि इन हमलों का निशाना अमेरिकी युद्धपोत थे। ईरान ने यह भी कहा कि खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी जहाजों को काफी नुकसान पहुंचा, जिसके बाद तीन अमेरिकी युद्धपोतों को होर्मुज क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा।

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