डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने मातृ मृत्यु रोकथाम के प्रभावी उपाय करने के स्वास्थ्य विभाग को दिए अहम निर्देश DM Nitin Singh Bhadoria gave important instructions to the health department to take effective measures to prevent maternal mortality



रुद्रपुर (ऊधम सिंह नगर) उत्तराखंड, 28 अप्रैल 2026 (जि.सू.का.)। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में आयोजित जनपद में मातृ मृत्यु दर की स्थिति पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मातृ मृत्यु के कारणों और भविष्य में रोकथाम के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि हाई-रिस्क प्रेगनेंसी वाले मामलों की पहचान कर उनकी विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होने कहा कि आशा एवं एएनएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण एवं नियमित जांच में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।

डीएम ने कहा कि प्रसव के दौरान रेफरल सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जाए, ताकि आपातकालीन स्थिति में समय की बचत हो सके। उन्होने निर्देश देतु हुए कहा कि जनपद में पंजीकृत ऐसे चिकित्सालयों को चिन्हित किया जाए जहाँ पंजीकृत चिकित्सकों की निगरानी में प्रसव नहीं कराए जा रहे हैं ऐसे संस्थानों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण किया जाए तथा अनियमितता पाये जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गृह प्रसव कराने वाली दाइयों की भी सतत निगरानी रखी जाए। यदि कोई दाई अवैध रूप से प्रसव कराती हुई पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करायी जाए।

जिलाधिकारी भदौरिया ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को यदि आशा कार्यकत्री प्राइवेट चिकित्सालयों में ले जाते हुए पायी जाती है तो संबंधित आशा वर्कर के खिलाफ कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। उन्होने कहा कि मातृ मृत्यु दर को कम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

       मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 केके अग्रवाल ने बताया कि जनपद में अब तक कुल 18 मातृ मृत्यु के मामले सामने आए थे। जिसमे से 11 मामलों की विस्तृत समीक्षा पहले ही की जा चुकी है जबकि आज 7 नए मामलों की समीक्षा पूर्ण की गई। मृत्यु के कारणों का विश्लेषण अधिकारियों ने प्रत्येक केस की रिपोर्ट का बारीकी से अध्ययन किया। इसमें प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं, एनीमिया (खून की कमी), तथा समय पर अस्पताल न पहुँचने जैसे कारणों पर गंभीर चर्चा हुई।

         बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल, एसीएमओ डॉ. डीपी सिंह, पीएमएस डॉ. आरके सिंह, जनपद के सभी चिकित्सा अधीक्षक सहित डीपीएम हिमांशु, चांद मियां, डीसीएम निधि शर्मा, डीपीओ मोहम्मद आमिर खान, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक सितारगंज, बाजपुर एवं गदरपुर आदि उपस्थित थे।

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