हर-हर महादेव की गूंज, वैदिक मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा, धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मद्महेश्वर मंदिर के कपाट खुले Doors of the Madmaheshwar Temple opened with chants of Har Har Mahadev, Vedic hymns, special prayers and religious rituals



रुद्रप्रयाग (गढ़वाल) उत्तराखंड, 21 मई 2026। पंच केदारों में द्वितीय केदार के रूप में आस्थावादी हिंदू जनमानस में प्रतिष्ठित भगवान श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट श्रद्धा, आस्था एवं सनातन परंपराओं के मध्य विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाटोद्घाटन के अवसर पर पूरा धाम हर-हर महादेव और भगवान मद्महेश्वर के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। भगवान मद्महेश्वर की उत्सव डोली 21 मई को प्रातः गौंडार गाँव से पारंपरिक धार्मिक रीति-रिवाजों एवं भक्तिमय वातावरण के बीच धाम के लिए रवाना हुई।  प्रातः लगभग 10ः45 बजे उत्सव डोली मद्महेश्वर धाम पहुंची। जहां मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कपाट खोलने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग सहित वेदपाठियों द्वारा पूजा संपन्न कराने के साथ ही लगभग 11 बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। मौके पर मौजूद करीब 1,135 श्रद्धालुओं ने भगवान मद्महेश्वर के प्रथम दर्शन, दान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा अपनी और देश, प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।

कपाटोद्घाटन अवसर पर मंदिर समिति एवं प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आवागमन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को पुख्ता किया गया था। यात्रा मार्ग पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु व्यापक प्रबंध का दावा भी प्रशासन की ओर से किया गया है। हिमालय की गोद में स्थित श्री मद्महेश्वर धाम अपनी दिव्यता, आध्यात्मिक आभा एवं प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विशेष पहचान रखता है। कपाट खुलने के साथ ही अब यहां देश-विदेश से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है।

मद्महेश्वर मंदिर में पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव के मध्य (नाभि) भाग की पूजा की जाती है। समुद्र तल से लगभग 3,497 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने अपने पापों के प्रायश्चित के लिए भगवान शिव की खोज की थी। मान्यता है कि भीम ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। मद्महेश्वर मंदिर गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले के गौंडार गांव (मंसूना) में स्थित है। मंदिर के ठीक पीछे से चौखंबा और केदारनाथ पर्वत चोटियों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है।

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